What is Diwali? Why we Celebrating Deepavali? Diwali Information in Hindi

What is Diwali? Full Diwali Information in Hindi:

दीपावली हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। दीपावली दीपों का त्योहार है। दीवाली का त्योहार धनतेरस से प्रारंभ होकर 5 दिन तक चलता है। छोटी दीवाली, बड़ी दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज सभी पर्व दीपावली पर ही मनाए जाते हैं। पूरे देश में दिवाली बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई जाती है। घर-घर में तरह तरह के पकवान बनते हैं तथा सभी के लिए नए वस्त्र खरीदे जाते हैं। दिवाली पर घरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। चलिए बिंदुवार जानते हैं Diwali Information in Hindi.
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Diwali Information in Hindi
Diwali

Why we Celebrating Deepavali? All Diwali Information in Hindi:

What is Dhanteras and why we Celebrate Dhanteras?

धनतेरस (Dhanteras)-: धनतेरस से दिवाली पर्व की शुरुआत मानी जाती है। धनतेरस के दिन घर में नए गहने, बर्तन, व झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है, इसके पीछे मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदारी करने से सुख समृद्धि बनी रहती है तथा घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहता है। धनतेरस के दिन शाम को घर में दीप जलाकर धन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। धनतेरस को मनाने के पीछे मान्यता है कि इस दिन ही समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था, धन्वंतरि अपने साथ कलश और आयुर्वेद लेकर आए थे, धन्वंतरि चिकित्सा के देवता माने जाते हैं। धनतेरस तक घर को साफ-सुथरा बना दिया जाता है जिससे घर में लक्ष्मी जी का वास हो। इस वर्ष धनतेरस का पर्व 17 अक्टूबर 2017 को मनाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं Diwali Information in Hindi.

What is Choti Diwali and why we Celebrate Choti Diwali?

छोटी दीवाली (Choti Diwali)-: छोटी दीपावली को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। छोटी दीपावली के दिन यमराज की पूजा की जाती है जिससे उत्तम स्वास्थ्य तथा अकाल मृत्यु से बचा जा सके। नरक चतुर्दशी को रूप चतुर्दशी भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से सौंदर्य की प्राप्ति होती है। इस दिन संध्या काल में लक्ष्मी जी को गणेश जी की मूर्ति के सामने दीप जलाकर पूजा अर्चना की जाती है ।नरक चतुर्दशी को लेकर हिंदू धर्म शास्त्रों में एक और मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने सत्यभामा और काली के साथ असुर नरकासुर का वध किया था। इस दिन घरों में रंगोली बनाई जाती है तथा घर की सजावट की जाती है। इस दिन कुछ लोग सुबह में आटा तेल और हल्दी का उबटन तैयार कर शरीर पर लगाते हैं तथा अपामार्ग की पत्तियां जल में डालकर स्नान करते हैं, शाम के समय मां लक्ष्मी जी और गणेश जी की आराधना कर सभी पापों से मुक्ति तथा शांति पूर्वक जीवन व्यतीत करने की कामना करते हैं।


लक्ष्मी पूजा (दीपावली मुख्य दिवस)-: जानने के लिए पढ़ते रहिये Diwali information in hindi

दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली का त्योहार 19 अक्टूबर 2017 को मनाया जाएगा। दीपावली का त्योहार 5 दिन तक चलने वाला त्यौहार है और प्रत्येक दिन का एक अलग महत्व है। दिवाली का त्यौहार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल द्वितीया तक चलता है। यह त्योहार परिवार में सुख समृद्धि, स्नेह, शांति तथा समस्त सुखों की प्राप्ति कराने वाला त्योहार है। दीपावली का पर्व मनाये जाने के पीछे मान्यता है कि इस दिन राम रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे। नगर वासियों ने राम, लक्ष्मण और सीता जी के आगमन की खुशी में पूरी अयोध्या को देसी घी के दीपक से दुल्हन की तरह सजाया था, तभी से दीपावली का त्यौहार मनाया जाने लगा। एक अन्य पौराणिक मान्यता के अनुसार कृष्ण पक्ष की अमावस्या को ही लक्ष्मी जी समुद्र मंथन के समय प्रकट हुई थी इसीलिए दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। दीपावली के दिन लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी, सरस्वती जी और कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दीपावली की रात लक्ष्मी जी पृथ्वी पर विचरण करने आती है, इसीलिए घर के सभी द्वार सजाए जाते हैं तथा उन्हें खुला रखा जाता है और लक्ष्मी जी के स्वागत के लिए कोने-कोने को दीपों से सजाया जाता है। पूजा के बाद बच्चे व बड़े घरों की छतों वह गलियों में पटाखे जलाते हैं तथा घर घर जाकर लोग मिठाइयां बांटते हैं। दिवाली बुराई पर अच्छाई की विजय का त्योहार है। इस दिन लोग सभी गिले शिकवे भुलाकर साथ में इस त्यौहार को हर्ष पूर्वक मनाते हैं।

What is Goverdhan Puja and why we Do Goverdhan Puja?

गोवर्धन पूजा (Goverdhan Puja)-:  कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष गोवर्धन पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। गोवर्धन पूजा के पीछे मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र देव के प्रकोप से बचने के लिए व उसका अहंकार तोड़ने के लिए सभी गोकुल वासियों को गोवर्धन पर्वत के नीचे शरण दी थी। इस दिन मंदिरों और घरों में अन्नकूट तैयार किया जाता है तथा संध्या काल में गोबर का गोवर्धन बनाकर पूजा अर्चना की जाती है। गोवर्धन के साथ अग्नि देवता, वरुण देवता तथा गायों की भी पूजा की जाती है। आप पढ़ रहे हैं Diwali Information in Hindi.

What is Bhai Dooj and why Bhai Dooj?

भाई दूज (Bhai Dooj/Bhayya Dooj)-:  इस वर्ष 21 अक्टूबर 2017 को भाई दूज का त्यौहार मनाया जाएगा। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। भाई दूज का पर्व भाइयों के प्रति बहनों के अगाध प्रेम का विश्वास की भावना को दर्शाता है। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई का तिलक कर उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। इस दिन यमदेव की भी पूजा की जाती है। भाई दूज के दिन सभी बहने अपनी ससुराल से आ कर अपने भाई के साथ पूरा दिन बिताती हैं। Diwali Information in Hindi

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