Deepavali Nibandh (दीपावली निबंध) Essay on Diwali in Hindi

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Diwali Information in Hindi


 900 Words Essay on Diwali in Hindi:

 दीपावली भारत में हिंदुओं द्वारा बनाये जाने वाला प्रमुख त्यौहार है। दीपों का त्यौहार होने के कारण ही इसे दीपावली व दिवाली कहा जाता है। घर-घर में दीप जलाए जाने के कारण इसे प्रकाश का पर्व भी कहा जाता है। दीपावली एक दिन का पर्व नहीं बल्कि पांच दिन तक चलने वाले पर्वों का समूह है जो कि कार्तिक कृष्ण त्रियोदशी से शुक्ल पक्ष की द्धितीया को संपन्न होता है। दीपावली का मतलब होता है दीपों की अवली यानी पंक्ति, दीपों की पंक्तियों से घर को सुसज्जित कर दीपावली का पर्व मनाया जाता है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िये Essay on Diwali in Hindi.

दीपावली का पर्व कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाने वाला त्योहार है। दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों दीप (दिए)+अवली (श्रंखला) से मिलकर हुई है। जिसका अर्थ होता है दीपों की श्रंखला या दीपों की पंक्ति। दीपावली पर घरों व घर के द्वारों को लाखों दीपकों से प्रज्वलित किया जाता है। अमावस्या की अंधेरी रात में दीपों के प्रकाश से पूरा देश प्रज्वलित हो उठता है। दीपावली के दिन रात्रि काल में धन संपत्ति की देवी लक्ष्मी जी और विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा की जाती है। आप पढ़ रहे है Essay on Diwali in Hindi.

दीपावली का पर्व मनाया जाने के पीछे दो पौराणिक मान्यताएं विद्यमान है। पहली- दीपावली के दिन भगवान राम रावण का वध करके सीता माता व अनुज लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस लौटे थे। अयोध्या वासियों ने भगवान राम के वापस लौटने की खुशी में पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया था, तब से दीपावली के दिन लोग घरों में दीप जलाकर तथा मिठाइयां बांटकर इस पर्व को मनाते हैं।


दूसरी मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय समुद्र से 14 रत्नों का प्रादुर्भाव हुआ था, जिसमें से एक लक्ष्मी जी भी एक रत्न थी। लक्ष्मी जी का प्रादुर्भाव कार्तिक मास की अमावस्या को ही हुआ था इसलिए इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। लक्ष्मी जी के साथ ही विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा मंगल कामना व सुख समृद्धि प्रदान करने के लिए की जाती है। कार्तिक मास की अमावस्या के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी राजा नरकासुर का अंत किया था तथा विष्णु भगवान ने नरसिंह रूप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध कर भक्त प्रहलाद के प्राणों की रक्षा की थी। इसी दिन समुद्र मंथन के समय लक्ष्मी जी के साथ धन्वंतरि का भी प्रादुर्भाव हुआ था। इस तरह इस त्योहार को मनाया जाने के पीछे अलग-अलग मान्यताएं हैं। आपको जानकारी दी जा रही है Essay on Diwali in Hindi.

दीपावली का संबंध फसलों से भी है। इस समय खेतों में फसल पकने के बाद घर में लाई जाती हैंं जिससे किसान नई फसल के रुप में धन लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए उत्सव मनाते हैं। दीपावली से पहले ही घरों की साफ सफाई होना प्रारंभ हो जाती है तथा बाजार सजने लगते हैं। बाजार में मिट्टी के दीए व लक्ष्मी जी व गणेश जी की प्रतिमाओं से बाजार सजे देखने लगते हैं। दीपावली पर व्यापारी पुराना हिसाब -किताब निपटाकर नये वही खाते तैयार करते हैं। मिठाई की दुकानें सजने लगती हैं तथा बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगती है। कपास और खील बतासे बाजार की शोभा बढ़ाने लगते हैं। दीपावली पर लोग सगे-संबंधियों के लिए मिठाइयां व उपहार खरीदते हैं, चारों तरफ खुशियां और उत्साह का माहौल होता है। आप पढ़ रहे है Essay on Diwali in Hindi.

दीपावली के दिन सुबह से ही दरवाजे को घर की सजावट शुरू हो जाती है। फूल मालाओं से घर को सुसज्जित किया जाता है तथा घर में तरह-तरह के पकवान बनने लगते हैं। बच्चे नए-नए कपड़े पहन कर बम व पटाखे खरीदने के लिए बाजार जाते हैं, स्कूल कॉलेज व दफ्तरों की छुट्टी होने के कारण सभी कामकाजी व्यक्ति घरवालों के साथ मिलकर त्यौहार मनाने में सहायता करते हैं। शाम के समय लोग घर पर जाकर मिठाइयां बांटते हैं तथा एक दूसरे के गले मिल कर दीपावली की बधाइयां देते हैं। घी के दीपक व मोमबत्तियां जला कर पूरे घर को सजाया जाता है जिससे पूरे गली मोहल्ले में शादी जैसा माहौल दिखने लगता है।

लक्ष्मी पूजन के लिए घर की औरतेंं व पुरूष स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं तथा लक्ष्मी पूजन की तैयारी करते हैं। लक्ष्मी जी व गणेश जी की प्रतिमा को किसी विशेष स्थान पर स्थापित कर फूलों व दीपों से सजाया जाता है तथा चांदी के सिक्के को गहनोंं को पूजा में रखा जाता है। घी के दीप जलाकर मां लक्ष्मी व गणेश जी की पूजा की जाती है, चारों तरफ घंटों की ध्वनि व आरती की आवाजों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठता है। पूजा समाप्त होने के बाद खील बतासे मिठाईयां व प्रसाद बांटा जाता है और बच्चे व बड़े मिलकर पटाखे जलाते हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास भाई चारे वह प्रेम का संदेश फैलाता है। हम जानकारी दे रहे हैं Essay on Diwali in Hindi.

देश के अलग-अलग राज्यों में यह त्यौहार अलग अलग ढंग से मनाया जाता है। दीपावली का यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। भारत के पूर्वी राज्यों उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में इस त्योहार को काली पूजा के रूप में मनाया जाता है। दीपावली पांच दिवसीय त्योहार है जिसमें पहले दिन धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है इस दिन सोने चांदी के आभूषण व नए बर्तन खरीदने का महत्व होता है। दूसरे दिन छोटी दीपावली मनाई दीवाली मनाई जाती है जिसमें लोग शरीर को रोगों से मुक्त करने व बुराई मिटाने के लिए आटे वह बेसन का उबटन लगाकर स्नान करते हैं। तीसरे दिन दीपावली का मुख्य दिन होता है इस दिन मां लक्ष्मी जी व गणेश जी की पूजा की जाती है, जिससे घर में मां लक्ष्मी जी का वास हो और घर में सुख वह समृद्धि आए। चौथे दिन गोवर्धन की पूजा की जाती है तथा हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस दिन नई साल का शुभारंभ होता है।


और पांचवे दिन भाई बहन के अगाध प्रेम का प्रतीक भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस तरह दीपावली का त्योहार पूरे श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हो जाता है। आपको Essay on Diwali in Hindi की जानकारी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अवश्य बतायें।


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